Monday, October 3, 2016

अनोखी दुनिया

धुएँ में लहराती खयालों की अनोखी दुनिया

सफेद लकीरों से झाँकते कुछ चेहरे
अनदेखे, अनगिनत, गुमनाम चेहरे
घने अंधेरों में उठी लकीरों की लहरें
अपने ही इंतिज़ार में दूर बैठे सबेरे
बुझी बत्तियों में महकती चद्दर ओढे दुनिया
धुएँ मे लहराती खयालों की अनोखी दुनिया

आँसूओं की रवानी में डुबे कुछ ख्वाब
खिलखिलाती मुस्कानों पर बूने कई ख्वाब
रेशमी लिबासों में लिपटे अनसुने जवाब
रंगीन खयालों में बजता सुरीला रबाब
सर्द रातों में सिसकती रूमानी दुनिया
धुएँ में लहराती खयालों की अनोखी दुनिया

पूनम के चाँद में जगमगाती हसीन सादगी
टिमटिमाते तारों संग चमचमाती सादगी
झील-झरनों में बहती बहकती दीवानगी
पेड़-पत्तों की छांव से गुज़रती जिंदगी
गहरे धुंध में मदहोश सारी दुनिया
धुएँ में लहराती खयालों की अनोखी दुनिया

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