Monday, December 14, 2015

रंग

सपनों के रंग है, मन में उमंग है |
जंजीरें तोड सारी, अपनों का संग है ||

ना कोई अफसोस है, मिट गये सब दोष है |
पंखों को फैला दे, तुझ में वो जोश है ||

राहें अनजान है, रूत घमासान है |
डर को निगल चल, मंजिल मेहमान है ||

पैरों में जोर है, कानों में शोर है |
चिंताएं भूल सब, खुशियों की डोर है ||

अपने दिल का रंग पहचान
रूह की रंगरेलिया जान
बन जा रंगरेज तू
रंगदर्या का भंवर तू
रंगशाला की मस्ती में
रंगमहल की महफिल में
रंग खोल तू

रंग घोल तू

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