Friday, December 25, 2015

सरहद पार

थोडा नशीला थोडा रंगीला
थोडा सांवला थोडा बांवला
बदतमीज भी बेशरम भी
बिगडे पल मे
मरहम भी
खुशी के झोके पर वो सवार
सरहद पार है मेरा यार

कभी नरमसा कभी गरमसा
कभी जहरीला कभी शर्मिला
रूह से मेरे रूबरू है
खुदगर्ज भी है
मगरूर भी है
दिल के कोने मे गुब्बार
सरहद पार है मेरा यार

बाशहूर भी बचकाना भी
शरारत भी नजाकत भी
आँखो मे इक जाम है
सांसो मे हसीन शाम है
मस्तमौजी भंवर को
इक तितली ने फांसा है
दो लफ्जों ने छेड दी सितार
सरहद पार है मेरा यार

कभी मिर्च कभी शहद
कभी सुख कभी दर्द
सूर भी सरगम भी
जमघट मे गुंजती
इक खामोशी भी
पोशिदा सलाखों मे कैद प्यार
सरहद पार है मेरा यार

Monday, December 21, 2015

धुंद निशान

तू ही है सारा तू ही सहारा
बिन तेरे मैं हूं बंजारा

तू बहता पानी है
लहरों पे लिखी कहानी है
हर बूंद मे तू तैरता है
हर लफ्ज मे तू उभरता है

मेरी सादगी तू
मेरी ताजगी तू
मेरा हुनर तू
मेरा जुनून तू
मेरे अंदर तू
मेरे बाहर तू
मेरी मस्जिद तू
मेरा मंदिर तू
मेरा आज तू
मेरा कल भी तू
मेरा दिन है तू
मेरी रात भी तू
सोया है तू
कहीं खोया है तू

अंजानसा तू हमसफर
ढूंढा तुझे है हर सहर
न जाने कोई तेरा घर
धुंद निशान तेरे हर डगर

Monday, December 14, 2015

रंग

सपनों के रंग है, मन में उमंग है |
जंजीरें तोड सारी, अपनों का संग है ||

ना कोई अफसोस है, मिट गये सब दोष है |
पंखों को फैला दे, तुझ में वो जोश है ||

राहें अनजान है, रूत घमासान है |
डर को निगल चल, मंजिल मेहमान है ||

पैरों में जोर है, कानों में शोर है |
चिंताएं भूल सब, खुशियों की डोर है ||

अपने दिल का रंग पहचान
रूह की रंगरेलिया जान
बन जा रंगरेज तू
रंगदर्या का भंवर तू
रंगशाला की मस्ती में
रंगमहल की महफिल में
रंग खोल तू

रंग घोल तू