Tuesday, March 4, 2014

रांड

रांड - क्या औकात है रे तेरी?
ठोकनेवाला - साली, मेरे तुकडोंपर पलनेवाली, मॅनेजर हूं मैं|
रांड - तो क्या उखाडा?
ठोकनेवाला - तेरे जैसा धंदा नही है मेरा, हरामी|
रांड - साले, तू भी तो खुद को बेच रहा है|
ठोकनेवाला - सठिया गयी है क्या? चोरीछुपे धंदा नही करता हूं मैं|
रांड -  पर मेरे पास तो मूंह छुपाकर ही आता है ना च्युतिए| घर पे बताकर आने की हिमत है क्या तेरे पिछवाडे में?
ठोकनेवाला - मादरचोद, मुझे अकल सिखा रही है!
रांड - अबे भडवे, वह भी तो नही है तेरे पास|
ठोकनेवाला - तेरे पास है तो कोठे पे क्यों आई?
रांड - मेरे बदन का पल्ला अकलसे भारी है| इसलिए मैं वह बेच रही हूं|
ठोकनेवाला - और मेरा अकल का पल्ला भारी है|
रांड - लगता तो नही है| लेकिन अगर है, तो तू भी एक रांड है| फर्क सिर्फ इतना है, की मैं बदन बेचती हूं और तू अकल| तेरा धंदा सफेद और मेरा धंदा काला| वाह रे दुनिया!

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