Tuesday, April 2, 2013

पत्ते

सुखे पत्ते गिरते हैं|
नए उगते है|
गिरे पत्ते इक यादगार बन जाते है|
उगे पत्तोंकी खुशी मे सारा पेड झूम उठता है|
सुखे पत्ते बिखरी यादों की तरह खडे पेड को देखते रहते हैं|
हरे पत्ते खुशी से त्योहार मनाते हैं|
बिखरी यादें मातम मे खुशी के आसू बहाते हैं|
नए पत्तों को लेकर पेड नई जिंदगी जिने मे मश्गूल हो जाता है|
सुखे, बिखरे पत्ते सडसडकर नई जिंदगीयोंको मजबूत बना देता है|

पत्ते, गिरकर भी उभर आते हैं|
एक नए अंदाज मे|
एक नए रूप मे|
एक नई जान मे|

पत्ते, कुछ हरे, कुछ हारे|

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