Sunday, March 31, 2013

यही है जिंदगी

एक सांस गम की, एक खुशी की, बीच का फासला है जिंदगी|
एक आंसू दुख का, एक सुख का, बीच का कारवाँ है जिंदगी|
एक कदम अतीत पर, एक भविष्य पर, बीच की दूरी है जिंदगी|
एक रात त्योहार की, एक मातम की, बीच की होनी है जिंदगी|
एक धडकन क्रोध की, एक प्यार की, बीच का लम्हा है जिंदगी|
एक घडी गुलामी की, एक आजादी की, बीच का अर्सा है जिंदगी|

एक पल है शोर का, एक खामोशी का, बीच से गुजरती है जिंदगी|

Monday, March 25, 2013

जिना है यहाँ


उम्मीद है यह मुश्किल मोड गुजरने की
उम्मीद है बुरे हालात सुधरने की
उम्मीद है उड कर आसमान छू ने की
उम्मीद है खुद ही को पा ने की
उम्मीदों के बल पर ही है सारा जहाँ
उम्मीद है ना-उम्मीद होकर जीने की यहाँ

िवश्वास है अपनी काबिलयत पर
विश्वास है अपनी मासूमियत पर
िवश्वास है इन मजबूत बाजूओं पर
विश्वास है अपने अचल पैरों पर
िवश्वास पा कर ही हर कोई िजता है यहाँ
िवश्वास के िबना बनता है न कोई िरश्ता यहाँ

सपना है जंजीरों को तोडने का
सपना है खुलकर जीने का
सपना है रंगीन दुनिया बनाने का
सपना है खुशी के बीज बोने का
सपने मे ही िखलता है िकसी का सारा जहाँ
सपने के लिए ही िजता है हर कोई यहाँ

गुफ्तगू

टूटते हुए तारे से हुई गुफ्तगू इक दिन
गिरते गिरते कह गया बातें वो अनगिन

बगल मे है अंधेरा और तुझ मे ही है रोशनी
सोच के बना खुद मंजिल तू अपनी

बुरा नही है अंधेरा
वो भी है तेरा अपना
अंधेरे मे ही तो रोशन होता है
हर किसी का सपना

जुगनू हो या हो दियाजलता तो हर कोई है
बुझना तो है सबको इक दिनपर उम्मीद  खोयी है

कितनी भी  क्यों ऊँचाई है पायी
भूल  जाना पास ही मे है खाई
िगरने का न हो मन मे भय कभी
िगरके उठने का यह मंत्र सीख ले अभी

िगरते िगरते भी न रख िकसीकी इच्छा अधुरी
बस, इसी को समझ ले तू अपनी कहानी पुरी